आपका असली जुनून क्या है? Find Your Real Passion

क्या आपने कभी महसूस किया है कि कुछ लोग अपने काम से थकते नहीं…  बल्कि उसी काम को करते हुए और ज़्यादा ज़िंदा महसूस करते  हैं?  जबकि हम में से कई लोग…  हर सोमवार सुबह उठते ही सोचते हैं —  “यार… क्या यही काम मुझे पूरी ज़िंदगी करना है?”  असल में…  समस्या मेहनत की नहीं है।  समस्या ये है कि ज्यादातर लोग अपना जुनून पहचाने बिना ही करियर चुन लेते हैं।
आपका असली जुनून क्या है? Find Your Real Passion
 

दोस्तों…


क्या आपने कभी महसूस किया है कि कुछ लोग अपने काम से थकते नहीं… बल्कि उसी काम को करते हुए और ज़्यादा ज़िंदा महसूस करते

हैं?


जबकि हम में से कई लोग…


हर सोमवार सुबह उठते ही सोचते हैं —

“यार… क्या यही काम मुझे पूरी ज़िंदगी करना है?”

असल में…


समस्या मेहनत की नहीं है।

समस्या ये है कि ज्यादातर लोग अपना जुनून पहचाने बिना ही करियर चुन लेते हैं।


कभी परिवार के दबाव में…

कभी समाज को देखकर…

और कभी सिर्फ पैसे कमाने के लिए।

लेकिन सोचिए…


अगर आपको ऐसा काम मिल जाए

जिसे करते वक्त समय का पता ही न चले…

जिसमें आप naturally अच्छे हों…

और वही काम आपकी पहचान और कमाई दोनों बन जाए…


तो आपकी जिंदगी कितनी अलग हो सकती है?


इस ब्लॉग पोस्ट में हम जानेंगे —


अपना असली जुनून कैसे खोजें, कैसे पहचानें कि आप किस काम के लिए बने हैं, और कैसे उसी जुनून को एक शानदार करियर में बदल सकते हैं।

और सबसे खास बात…


ये वीडियो सिर्फ मोटिवेशन नहीं देगा, बल्कि आपको एक practical roadmap भी देगा. जिससे आप अपनी जिंदगी की दिशा बदल सकते हैं।

इसलिए ब्लॉग पोस्ट को बीच में बिल्कुल मत छोड़िए…वीडियो को आखिर तक जरूर देखिए…


क्योंकि आख़िर में हम आपको एक ऐसा practical formula बताएँगे जिससे आप समझ पाएँगे कि आपका passion सिर्फ शौक है…या सच में उसे career बनाया जा सकता है। 


क्योंकि हो सकता है…आज के बाद आप अपने करियर को देखने का नजरिया हमेशा के लिए बदल दें।


और सबसे खास बात…इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको कुछ ऐसे सवाल और techniques बताने वाले है, जो शायद आपकी पूरी सोच को बदल दें।

अगर आप सच में अपनी जिंदगी में clarity, success और satisfaction चाहते हैं…तो यकीन मानिये यह पोस्ट आपके लिए बहुत important होने वाला है।


नमस्कार दोस्तों, लाइफोमेट्री चैनल पर आपका स्वागत है। आप ये ब्लॉग पोस्ट पढ़ रहे है इसका मतलब है आप कुछ नया जानना चाहते है। हम आपके इसी जूनून को सलाम करते है। हम आपका यही जूनून, पोस्ट के अंत तक देखना चाहते है ? क्या आप तैयार है, तो चलिए शुरू करते हैं…


हम बात करेंगे अपना जुनून कैसे खोजें और उससे एक शानदार करियर कैसे बनाएं ? 

क्या आप भी ऐसे इंसान हैं जो अक्सर इस सवाल से जूझते रहे हैं – ‘मैं किस चीज़ में अच्छा हूँ?’ या शायद यह सोचते रहे हैं, ‘क्या मैं किसी भी चीज़ में अच्छा हूँ भी या नहीं!’; 


तो ‘यह  पोस्ट खास आपके लिए ही है। अगर आप  को हमेशा से पता रहा है कि आप को अपनी ज़िंदगी में क्या करना है तो आप खुशकिस्मत लोगों में से एक हैं।  लेकिन हमें यकीन है कि आप ऐसे बहुत से लोगों को भी जानते होंगे, जो अभी भी संघर्ष कर रहे हैं। यह पोस्ट उन्हें भी भेजें।


इस ब्लॉग पोस्ट में, हम आपके पैशन को पहचानने और ऐसी कोई चीज़ ढूँढने की प्रक्रिया को, जिसमें आप बहुत अच्छे हैं, स्टेप-बाय-स्टेप समझाने का प्रयास करेंगे दोस्तों, हमारी सारी बाते सिर्फ एक प्रयास ही है, क्योंकि बदलना सिर्फ आपको है। हमें पता है कि पैशन दिल का मामला है, इसलिए हम इसे वैज्ञानिक तरीके से समझने की कोशीश करेंगे । क्योंकि, आखिर में हम सभी को लॉजिकल तरीका चाहिए होता है, जिससे दिमाग को वह बात सही लगे । 


दोस्तों यह ब्लॉग पोस्ट थोडा लंबा है, क्योंकि कोई भी इंसान #FaceBook  जैसी छोटी-सी पोस्ट पढ़कर अपना पैशन नहीं ढूँढ सकता। इसे ध्यान से पूरा पढ़े । लाइफोमेट्री आपसे वादा करता है कि आखिर में आपको अपने लिए कुछ बहुत बड़ा हासिल होगा।


आप अपनी जिंदगी में ऐसे बहुत से लोगों से मिले होंगे जो हमेशा शिकायत करते रहते हैं और दुखी रहते हैं। ऐसे लोग जो अपनी नौकरी और करियर में तो अच्छा कर रहे हैं, लेकिन फिर भी अंदर से बहुत थके हुए और खालीपन महसूस करते हैं। उनमें अपनी मौजूदा स्थिति को बदलने की हिम्मत नहीं होती। क्योंकि, जब तक कोई इंसान पैसे या ताकत की लत से खुद को आज़ाद नहीं कर लेता, तब तक वह सचमुच आज़ाद नहीं हो सकता।


हम यहाँ कुछ ऐसे लोगो का भी जिक्र करना चाहेंगे जो आप के जैसे ही साधारण जिंदगी जीने वाले लोग थे फिर भी अपने पैशन के बलबूते पर उन्होंने अपने आप को उस मुकाम पर खड़ा कर दिया, जैसा वो अपनी जिंदगी में चाहते थे। 


एक IITian जो अब एक पर्वतारोही (Mountaineer) और ट्रैवल ब्लॉगर बन गया है। 

एक ऑर्थोपेडिक डॉक्टर,  जो अब एक मशहूर वेडिंग फ़ोटोग्राफ़र है। 

एक सबसे अच्छा टॉप CEO, अब एक क्रिया योगी बन गया है।  

एक ऐसी हाउसवाइफ़ जिसने 50 साल की उम्र में प्रोफ़ेशनल स्कीइंग शुरू की।  

एक IPS अफ़सर  जिसने 45 साल की उम्र में रिटायरमेंट लेकर पूरे समय फिटनेस ट्रेनिंग का काम शुरू कर दिया। 

और एक ऐसा  CA  जिसने 15 साल तक सामान्य और बोरिंग प्रैक्टिस करने के बाद, एक बहुत मशहूर वेल्थ मैनेजर यानी PMS एक्सपर्ट का काम शुरू कर दिया।  


इन सभी लोगों के लिए पैसा और ताकत ज़रूरी तो थे, लेकिन वे अपनी पूरी ज़िंदगी सिर्फ़ इन्हीं के पीछे भागते हुए बिताना नहीं चाहते थे।


देखो - अपना पैशन (जुनून) खोजने की कोई उम्र या समय नहीं होता। अगर स्टैन ली - जिन्होंने शानदार मार्वल यूनिवर्स बनाया और जो धरती के सबसे बेहतरीन कॉमिक बुक लेखकों में से एक थे - अपना पैशन 43 साल की उम्र में खोज सकते हैं, तो हमें पक्का यकीन है कि हममें से कई लोगो के लिए अब भी कोई ज़्यादा देर नहीं हुई हैं कुछ करने के लिए । अगर आप को हमारी इस बात पर यकीन नहीं हो रहा  तो Google पर जाकर देख लो! उन्होंने X-Men और Spider-Man के चित्र बनाना तब तक शुरू नहीं किया था, जब तक वे 43 साल के नहीं हो गए थे। 


दोस्तों, इस उम्र में कुछ करना वाकई एक चुनौती है। हर किसी के जिंदगी में स्थिरता पाने के लिए यह एक अच्छी-खासी उम्र होती है, जहां हर इंसान अपने जिंदगी को लेकर कोई परेशानी नहीं चाहता।  


हमारी ज़िंदगी के सबसे बड़े रहस्यों में से एक - 'अपना पैशन कैसे खोजें' - को सुलझाना शुरू करने से पहले, लाइफोमेट्री चाहता है  कि आप लोग यह समझ लो कि यहाँ कोई डेडलाइन -समय-सीमा नहीं है। इसलिए, अपने Fear Of Missing Out कुछ छूट जाने का डर को एक तरफ रख दो। किसी काल्पनिक दौड़ में लगातार भागने की यह ज़रूरत शायद तुम्हें अपने पैशन को लेकर होने वाली उलझन से कहीं ज़्यादा परेशान कर रही है। अगर तुम्हें ज़्यादा समय लग रहा है, तो कोई बात नहीं। यहाँ असल में कोई डेडलाइन नहीं है। 


दुनिया में ऐसे लोगों के ढेरों उदाहरण हैं, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी में काफ़ी बाद में अपनी असली राह true calling पहचानी, या सालों की मेहनत के बाद सफलता हासिल की। ​​उदाहरण के लिए, Potter की दुनिया के मशहूर Potions मास्टर - प्रोफेसर स्नेप का किरदार - एलन रिकमैन को उनकी ज़िंदगी में काफ़ी बाद में मिला। असल में, उन्होंने 46 साल की उम्र में फ़िल्म 'Die Hard' से Hollywood में अपना डेब्यू किया था! 


अपने आस-पास ही देखो। '3 Idiots' के मशहूर 'Virus' - बोमन ईरानी - ने 44 साल की उम्र तक अपना मुख्यधारा का Bollywood करियर शुरू नहीं किया था। जो लोग 40 की उम्र में हैं - उनके लिए उम्मीद अभी भी बाकी है!  ऐसे बहोत से लोग है जिन्होंने 40 की उम्र के बाद शोहरत पाई और दुनिया को साबित कर दिया की सफलता की कोई डेडलाइन नहीं होती। 


अगर आपको लगता है कि जिस चीज़ में आप अच्छे हो, उसे खोजने की आपकी कोशिश अब एक बुरे सपने - नरक जैसी बन गई है, तो यह बात याद रखना -

"अगर तुम नरक से गुज़र रहे हो, तो चलते रहो।" 

इसमें लाइफोमेट्री की अपनी एक बात और जोड़ लो - तुम नरक में फँसे तो नहीं रहना चाहोगे, है ना? 

सबसे अच्छी बात तो यही है कि वहाँ से बाहर निकल आओ! इसलिए, चलते रहो। 


उलझन ही स्पष्टता -Clarity की शुरुआत होती है। अगर तुम आज उलझन में हो, थके हुए हो और बोर हो रहे हो - तो यह एक बहुत अच्छी स्थिति है। जिसने भी कभी कुछ भी हासिल किया है, वह 'उलझन' वाले रास्ते से ज़रूर गुज़रा है। लेकिन फिर भी वह चलता रहा, जवाब ढूँढ़ता रहा और उन जवाबों को अमल में लाने के लिए अपना हौसला बढ़ाता रहा।


तो यहाँ हम आपके छिपे हुए टैलेंट, आपके जुनून, या उस चीज़ की तलाश को आसान बना रहे हैं जिसमें आप माहिर हैं। लेकिन एक बात का ध्यान रखें – हम  सिर्फ़ आपको सही दिशा और तरीका बता सकते है । यह पूरी तरह से आपकी अपनी समझ पर निर्भर करता है कि आप इसे कैसे समझते हैं, इसका विश्लेषण करते हैं, इसे सुलझाते हैं और इसका इस्तेमाल करते हैं – यह सब पूरी तरह से आप पर है। हम यहाँ बस एक दीपक जलाने की कोशिश कर रहे है। इसकी चमक और रोशनी की गुणवत्ता इस बात पर निर्भर करेगी कि अब तक आपकी ज़िंदगी का सफ़र कैसा रहा है।


आइये, कुछ कांसेप्ट को जानने की कोशीश करते है, जो पैशन को बूस्ट करने के लिए कारगर साबित हो सकते है - 


आपको इस बहुत ही महत्वपूर्ण कॉन्सेप्ट को समझना ही होगा। इसके लिए - हम आपसे आग्रह करते है कि कृपया पोस्ट को ऐसे ही ध्यान से पढ़े ।


अपने जुनून को पहचानने का पहला कदम यह जानना होगा कि 'आपका जुनून क्या नहीं है'। 


एलिमिनेशन याने हटाने की प्रक्रिया से यह और भी आसान हो जाता है।  जैसे - बहोत से लोगो को हमेशा से पता होता है कि नौकरी करना कभी भी उनका  जुनून नहीं हो सकता।


हो सकता है अभी आप जिस प्रोफेशन में है, या जो कुछ भी काम कर रहे है आप को पसंद नहीं होगा। हो सकता है आपका करियर भी आपकी पहली पसंद ना हो। आपने पढाई कुछ और की होगी, नौकरी कुछ और कर रहे होंगे।  आप बनना कुछ और चाहते थे, बन कुछ और गए।  


आप के जैसे ही लाखो लोग है जो ये सोचते है की वे क्रिएटिव है। वे अपनी पढाई को पूरा कर के जब करियर को चुनते है तब उन्हें कुछ सालों बाद अहसास होने लगता है की उस करियर या काम को करने की कोई और वजह या जुनून नहीं था। कुछ सालो बाद आप को लगने लगता है की  'आप इसमें एकदम बेकार थे '! हालाँकि, यह आपके ज़िंदगी का एक यादगार अनुभव था। 


आपको तब भी कुछ पता नहीं चलता कि, आप अपने पैशन के बारे में क्या सोचते है। बस आप इतना ही सोचते है की,  'शायद मैं अपनी क्रिएटिविटी को  गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहा था' ।


हम यहाँ यह कहना चाहते है कि – आप कई ऐसी चीज़ों की तरफ़ आकर्षित होंगे, जिनमें आपको लगेगा कि आप अच्छे हैं। 


जैसे, कला का हुनर ​​रखने वाला एक क्रिएटिव इंसान पेंटिंग, डिजिटल आर्ट, डिज़ाइन, ग्राफ़िक्स, इलस्ट्रेशन, आर्ट सिखाना, आर्ट बेचना, आर्टिस्ट मैनेजमेंट वगैरह जैसे कई अलग-अलग कामों की तरफ़ खिंचाव महसूस कर सकता है। इनमें से हर काम उसका जुनून नहीं हो सकता। 


यह समझ तब आपके काम आएगी, जब आपके पास चुनने या छाँटने के लिए कई विकल्प होंगे।


आप ऐसे बहुत लोगों से मिले होंगे, जिन्हें कभी न कभी ऐसा लगा है कि वे सचमुच बहुत ही साधारण हैं। एकदम औसत दर्जे के, जिनकी ज़िंदगी में कोई अच्छा विकल्प ही नहीं है। उन्हें लगता है कि उनकी पढ़ाई-लिखाई औसत है, उनका कॉलेज बेकार है, उनके माता-पिता उन्हें समझते ही नहीं, उनके दोस्त किसी काम के नहीं, उनके रिश्तेदार तो बस एक मुसीबत हैं, और यहाँ तक कि उनके Office के सहकर्मचारी भी कभी अच्छे नहीं होते, वगैरह-वगैरह।


अगर आप भी इसी जमात से हैं, तो हम आपके मुँह पर यह बात कहने जा रहे है – गलती कहीं न कहीं आपमें ही है, आपके सितारों में नहीं। जब आपके आस-पास संगीत बज रहा था, तो शायद आप उन चीज़ों में बहुत ज़्यादा डूबे हुए थे जिनका कोई मतलब ही नहीं था। या फिर आपने अपना पैशन ढूढ़ने के बजाय अपना कीमती समय मोबाइल फ़ोन को स्क्रॉल करने में बिता दिया, या उन लोगो से साथ गप्पे बिताने में खर्च कर दिया, जिनसे आप को कभी कुछ हासिल नहीं होने वाला था । 


खैर, अब इसका उपाय क्या है? यहाँ हम आपको एक चीज़ आज़माने का सुझाव दे रहा हूँ –


#१ : आप उन सभी चीज़ों की एक लिस्ट बनाएँ जिनमें आपकी दिलचस्पी है, और जिन्हें करने में आपको पिछले कुछ सालों में मज़ा आया है। यह कुछ भी हो सकता है – पढ़ना, लिखना, कला, पढ़ाई करना, परफ़ॉर्म करना, बोलना, खाना बनाना, घूमना-फिरना, नई चीज़ें बनाना, दूसरों की मदद करना... संक्षेप में कहें तो, जो कुछ भी आपके मन में आए।


#२ : कभी कभी ज़रा गहराई से भी सोचें। उदाहरण के लिए, अगर आपको अपने स्कूल या अंडर-ग्रेजुएशन या Post Graduate  के दौरान कोई विषय पसंद आया था, तो वह कौन सा विषय था? पढ़ाई का कौन सा पहलू आपको ज़्यादा आकर्षित करता था? उस विषय की गहराई में उतरते समय आपको कैसा महसूस होता था? वगैरह-वगैरह। आप अपने बचपन के स्कूल के उन दिनों को भी याद करे, जहां कोई विषय आपका पसंदीदा विषय था ।


#३ : अगर आप उन लोगों में से हैं जिन्हें कॉलेज से बिल्कुल नफ़रत थी, और जिन्हें उन 3-4 सालों में की गई हर चीज़ नापसंद थी, तो फिर उन चीज़ों की एक लिस्ट बनाएँ जिनमें आपको लगता है कि आप थोड़े-बहुत भी अच्छे हैं, या जिन्हें आप कॉलेज के बाहर पसंद करते थे या करते हैं। जैसा कि Ayn Rand ने अपनी किताब 'Fountainhead' में लिखा है – 'असली शिक्षा तो कॉलेज की चारदीवारी के बाहर ही शुरू होती है।


हो सकता है स्कूल में, कॉलेज की पढ़ाई के दौरान, कुछ विषय तो आपको बिल्कुल ही पसंद नहीं रहे होंगे, लेकिन आपको नए लोगों से मिलना और उन्हें समझना बहुत अच्छा लगता होगा। उनकी ज़िंदगी, उनकी समस्याएँ, उनके आपसी मामले, उनकी भावनाएँ और उनके ब्रेक-अप वगैरे-वगैरे। अगर आप अपनी कॉलेज की पढ़ाई करने के बाद, ज़िंदगी में पैशन के साथ वो चीज करते जिसमे आपकी पसंद थी तो आप आज अपने करियर को बेहतर ढंग से कर पाते। 


यह जो लिस्ट आप बनाने वाले है, यही आपका पूरा लेखा-जोखा है। इसी से आपको पता चलेगा कि आपको किस चीज़ का सबसे ज़्यादा जुनून है! 


अपनी इस खोज में आगे बढ़ने से पहले, आप यहीं पर एक चीज़ अपने दिमाग से हटा दें। अगर आप इस लिस्ट में से अभी कुछ हटाना चाहते हैं, तो बेझिझक हटा दें।


एक पुरानी-पद्धति वाली रिसर्च है, हालाँकि उसे करना आसान नहीं है। लेकिन चलिए, इसे भी थोड़ा सा जान लेते हैं।


अब जब आपके पास एक लिस्ट है, तो उन चुने हुए क्षेत्रों में करियर बनाने के बारे में जितनी हो सके, उतनी जानकारी इकट्ठा करें। अपने 'आराम वाले सोफे' से उठिए और ज़रा जमकर रिसर्च कीजिए। पता लगाइए कि इनमें से हर क्षेत्र में करियर के कौन-कौन से विकल्प मौजूद हैं, उन क्षेत्रों में पैसे कमाने के कितने मौके हैं भले ही पैसा कमाना आपकी पहली प्राथमिकता न हो, उन क्षेत्रों में सफल होने के लिए किन-किन ज़रूरी हुनर ​​की ज़रूरत होगी, और भी जो कुछ पता चल सके, सब पता लगाइए। 


और हाँ, Google पर आँख मूँदकर भरोसा मत कीजिएगा। Google तो किसी को भी ऊपर दिखा देता है, गूगल सिर्फ किसी की जानकारी दे सकता है। अपनी पसंद, अपने पैशन के गहराई में जाइए। उन जगहों पर काम करने वाले लोगों से सीधे बात कीजिए।


अपने दिमाग को सारी जानकारी दीजिए। आपका दिमाग आपको सही जवाब खुद-ब-खुद दे देगा। यह रिसर्च और जानकारी बहुत ज़रूरी है, क्योंकि आपके आगे के सफर की नींव इसी पर टिकी होगी।


अपनी पसंदीदा चीज़ों से जुड़े पैसों के पहलू पर भी ज़रूर रिसर्च करें, क्योंकि हो सकता है कि पैसा कमाना आपकी पहली प्राथमिकता न हो, लेकिन फिर भी आपको अपने रोज़मर्रा के बिल तो चुकाने ही पड़ेंगे, आप के रोज के खर्चे तो होंगे ही ! इसके अलावा, अगर पैसा कमाने की चिंता बिल्कुल न होती और सिर्फ़ जुनून ही सब कुछ होता, तो 'पोर्न फ़िल्में' देखने के शौकीन भी अपने बाथरूम में ही बंद रहकर अमीर बन गए होते। पोर्न इंडस्ट्री में सिर्फ़ वही लोग पैसे कमा पाते हैं, जो असल में इस धंधे के 'बिजनेसमैन' होते हैं। 


परिवार का जाल - Family Trap  – 


आपको ऐसे बहुत से लोग मिले होंगे, जो अपने माता-पिता या जीवनसाथी के सहयोग न मिलने की शिकायत करते हैं। आप ज़रा इस बात का जवाब दीजिए – अगर आपने उन्हें अपने सपनों पर भरोसा करने का कोई ठोस कारण ही नहीं दिया है, तो वे इतनी आसानी से आपकी बात पर यकीन क्यों करेंगे? जब तक आप उन्हें अपना सच्चा जुनून, काम करने का सही तरीका, अपना हुनर ​​और कुछ अच्छे नतीजे नहीं दिखाएँगे, तब तक भला कोई आप पर क्यों भरोसा करेगा? जब आप खुद अपने रास्ते को लेकर पूरी तरह से स्पष्ट और आश्वस्त होंगे, तभी दूसरे लोग भी आपकी बात पर यकीन करेंगे।


और इससे भी ज़्यादा ज़रूरी बात – आप चाहते ही क्यों हैं कि वे आप पर भरोसा करें?


उनकी यह 'ना-इत्तफ़ाकी' ही आपके लिए एक प्रेरणा का काम करेगी। यह आपको और भी ज़्यादा मेहनत करने, अच्छे नतीजे हासिल करने और अपने विचारों को असल दुनिया में परखने के लिए प्रेरित करेगी । अगर आप अपने माता-पिता या जीवनसाथी के सहयोग से खुश है तो आपको उनके  'विश्वास' के लिए  उनका शुक्रगुज़ार होना चाहिए। क्योंकि, वे ही आपके सबसे बड़े शुभचिंतक हैं। कोई भी यह नहीं चाहता कि आप ज़िंदगी में उतने कामयाब हों, जितना कि वे चाहते हैं। 


उन्हें, अपना आशीर्वाद देने से पहले, कुछ नतीजे दिखाने के लिए थोड़ी ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है—क्योंकि वे बस यह पक्का करना चाहते हैं कि आप यह काम करने के लिए काफ़ी मज़बूत, काबिल और तैयार हैं—और हमें लगता है कि यह बिल्कुल सही है।


दोस्तों, आपने पोस्ट को यहाँ तक देखा है, मतलब आप जूनून से भरे हुए इंसान है। आईये इसी जूनून को और थोड़ा शार्प करते है। 


अब जब आपके पास जानकारी का पूरा ज़खीरा है, तो अब आप कुछ पुरानी-पद्धति वाली रैंकिंग करने का प्रयास कर सकते है ।


यहाँ आप  को 'nerdy'  प्रक्रिया के बारे में जानना चाहिए ! लिस्ट में दिए गए विकल्पों को उस क्रम में रखें जो आपको सबसे ज़्यादा पसंद आता है। आपकी रिसर्च की वजह से हो सकता है कि आप कुछ विकल्पों को देखने का अपना नज़रिया बदल लें, और यह बिल्कुल ठीक है। इसके पीछे का पूरा मकसद ही यही था।


इसके बाद, आप उन ज़रूरी कौशलों को अपनी मौजूदा जानकारी और हुनर ​​से मिलाएँ। रिसर्च, अपनी कमियों GAPS का पता लगाने का एक बेहतरीन तरीका है। इस रिसर्च का इस्तेमाल करके उन कमियों का पता लगाएँ जो आपके आज और आपके भविष्य के बीच मौजूद हैं। और खास बात - आप खुद से ये सवाल जरुर पूछें –


नंबर १ – आपमें किन कौशलों की कमी है जो आपको आपके लक्ष्य तक पहुँचा सकते हैं?

नंबर २ – क्या आप उन्हें खुद से सीख सकते हैं, या आपको किसी ट्रेनिंग की ज़रूरत है?

नंबर ३ – क्या कोई और व्यक्ति आपको वह कौशल सिखा सकता है? 

नंबर ४ – आपको ऐसे लोग कहाँ मिलेंगे?


ये बहुत ही ज़रूरी सवाल हैं ! इन्हें हल्के में न लें, और न ही इन्हें जल्दबाज़ी में नज़रअंदाज़ करें। अपनी मौजूदा 'औकात' या क्षमता को अपने भविष्य की  'प्रतिभा से मिलाना, इस सवाल का जवाब पाने के लिए बहुत ज़रूरी है कि, "आप अपने जुनून को कैसे पहचानें और उससे एक शानदार करियर कैसे बनाएँ"। और अगर यह सब आपको बहुत ज़्यादा काम लग रहा है, तो आपको याद दिला दे कि, अगर आप अपने चुने हुए जुनून के क्षेत्र में ज़िंदगी में एक 'genius' बनना चाहते हैं, तो आपको यह बात पता होनी चाहिए –


Genius बनने में 1% प्रेरणा inspiration होती है, और 99% पसीना मतलब परिश्रम होता है। यह बात सुनने में भले ही पुरानी-घिसी-पिटी लगे, लेकिन यह सौ फ़ीसदी सच है। 


यहाँ तक कि जिन लोगों को यह पता होता है कि वे अपनी ज़िंदगी में क्या करना चाहते हैं – उनके लिए भी काम आसान नहीं होता। उन्हें भी अपने लक्ष्य तक पहुँचने के लिए पहले 'योजना' PLAN बनानी पड़ती है, और फिर उतनी ही शिद्दत से पसीना भी बहाना पड़ता है। 


जैसा कि वॉरेन बफ़ेट ने बहुत ही खूबसूरती से कहा है –


‘एक प्लान वाला बेवकूफ़, बिना प्लान वाले जीनियस को भी हरा सकता है’।


उदाहरण के लिए: यह समझना कि आप एक मोटिवेशनल स्पीकर बनना चाहते है। उसके लिए आपने बड़े बड़े  सपने देखे। हालाँकि, हो सकता है आपकी   कम्युनिकेशन स्किल्स  याने बातचीत करने का हुनर कभी कोई समस्या नहीं थीं, लेकिन आपको  बिज़नेस, एंटरप्रेन्योरशिप, मार्केटिंग, टेक्नोलॉजी वगैरह के बारे में ज़्यादा कुछ नहीं पता नहीं था। अब आप सोचेंगे कि मुझे इन स्किल्स की ज़रूरत क्यों पड़ेगी? आपको उन स्किल्स के बारे में, या उन विषयों के बारे में जानना जरुरी है जिस पर आप लोगो को एड्रेस करने वाले है, ऐसे मौके पर आपसे कोई कुछ भी पूछ सकता है। 


यकीन कीजिए – इसके लिए पूरे एक गाँव यानी बहुत से लोगों की ज़रूरत पड़ती है। यह किसी एक इंसान का काम नहीं है। आप जैसे ही उन ज़रूरी स्किल्स की पहचान करना शुरु कर देंगे और उन्हें सीखने के लिए कदम उठाने शुरू कर देंगे, ज़िंदगी आप के पास ऐसे दोस्त भेजती रही रहेगी जो उन स्किल्स में माहिर थे और हमेशा आप की मदद के लिए तैयार रहेंगे । जब तक आपका इरादा पक्का रहेगा और आपको कोई ज़रूरत होगी, आपको हमेशा मदद मिलती रहेगी !


बस चलते रहिए। यह बात याद रखिए – ‘आप अपने लक्ष्य के लिए अपनी पूरी ताक़त सही दिशा में लगाए रखिए, और सही लोग अपने आप आपकी ज़िंदगी में खिंचे चले आएँगे ताकि वे उस लक्ष्य को पाने में आपकी मदद कर सकें’। यह एक कमाल का, कहीं न लिखा हुआ नियम है। इसे आज़माकर देखिए।


दोस्तों, अपने स्किल्स, हुनर के साथ बाज़ार के माहौल को परखना भी अपने आप में एक कला है।  


हमें पता है कि इन सब बातों के बाद भी, आप में से कई लोग शायद अभी भी इस बात को लेकर उलझन में होंगे कि इस लिस्ट में से किसे चुनें। 


तो, पेश है हमारे तरकश का आखिरी तीर।


सबसे पहले, एक बहुत ही ज़रूरी चेतावनी - ‘पैशन ट्रैप’ जुनून के जाल से सावधान रहें। 


दोस्तों, आपके पैशन की दाद देनी पड़ेगी क्योंकि आपने पोस्ट को बिना स्किप किये यहाँ तक देखा। हमें अब यकीन हो गया है की अब आप अपने जीवन में किसी भी काम करने से पीछे नहीं हटेंगे। हम मानते है की पोस्ट को यहाँ तक देखना किसी पैशन से कम नहीं है। और आपने वो कर दिखाया। चलिए दोस्तों और थोड़ा जान लेते है जो ज्यादा तो नहीं पर काम का हो सकता है। अब हम बिलकुल भी नहीं चाहेंगे की आप में पैशन की कोई कमी हो।


‘पैशन ट्रैप’ असल में है क्या? 


सिर्फ़ इसलिए कि आपको लगता है कि आप किसी चीज़ में अच्छे हैं, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप सचमुच उस चीज़ में अच्छे होंगे। यह बस आपकी कोई गलतफ़हमी या मन का वहम भी हो सकता है। उदाहरण के लिए: एक बहुत ही होशियार लड़का, जो अपनी फ़ोटोग्राफ़ी के जुनून के लिए अपनी अच्छी-खासी सैलरी वाली इन्वेस्टमेंट बैंकिंग की नौकरी छोड़ने को तैयार था। हालाँकि उसके  फोटोग्राफी का  स्तर औसत से बहुत नीचे था। 


तो, इसका जवाब कौन देगा कि उसका जुनून सिर्फ़ उसकी कल्पना का जाल है या सचमुच कोई ऐसी बेहतरीन काबिलियत जिसे किसी बहुत बड़ी चीज़ में बदला जा सकता है? जवाब - सिर्फ़ बाज़ार ही आपको सही जवाब देगा, कोई और नहीं।


चलिए, फिर से आपकी लिस्ट पर आते हैं। आपने अपनी पसंद और प्राथमिकताओं के हिसाब से अपनी पसंद की चीज़ों को रैंक किया है। अब उन्हें अपनी काबिलियत के हिसाब से रैंक करें। हमने जुनून को मौजूदा काबिलियत के स्तर से मिलाने की कोशिश की। अब उन कमियों पर नज़र डालें और उन्हें बाज़ार में परखें।


हमारा  मतलब  है - आपके विकल्पों में से। अगर आपको कोई ऐसी चीज़ मिल गई है जो आपको पसंद है, तो उसे असल दुनिया में परखें।


ध्यान से देखें कि क्या बाज़ार आपकी काबिलियत के लिए आपको पैसा या शोहरत दे रहा है। मैं समझता हूँ कि इसमें थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन कोई बात नहीं। अगर आप बाद में बुरे नतीजे नहीं चाहते, तो इस प्रक्रिया में अभी निवेश करें। दोनों ही सूरतों में जोखिम ज़्यादा है।


जब आप बाज़ार में अपनी काबिलियत परख रहे हों, तो हम  आपसे एक चीज़ न करने के लिए कहेंगे  - 


अपने दोस्तों और परिवार वालों की बातों पर भरोसा न करें। उन्हें हमेशा आपके काम की बारीकियों की जानकारी नहीं होगी, या वे अपनी राय देने में बहुत ज़्यादा लिहाज़ करेंगे। 


अगर आपको अपनी ज़िंदगी में कभी भी सच्ची राय की ज़रूरत पड़ी है - तो वह अभी है। ऐसे लोगों को सक्रिय रूप से खोजें जो इस क्षेत्र में माहिर हों, जिन्हें बाज़ार से पहचान मिली हो, और जिन्हें आम तौर पर पता हो कि वे किस बारे में बात कर रहे हैं।


उदाहरण के लिए, सिर्फ़ अंग्रेज़ी या बातचीत में अच्छा होना ही मोटिवेशनल स्पीकर बनने के लिए काफ़ी नहीं है। सिर्फ़ अपने किसी उदास परिवार वाले या दोस्त का हौसला बढ़ा पाने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप अजनबियों से भरे किसी कमरे या ऑडिटोरियम को भी प्रेरित कर सकते हैं। 


इसे बाज़ार में परखें। अपनी काबिलियत को निखारने और अपना नेटवर्क बनाने में कुछ समय लगाएँ, और देखें कि क्या बाज़ार आपको पैसे और ज़्यादा काम देकर पुरस्कृत करता है। अगर ऐसा होता है, तो शायद इसमें आगे बढ़ने की गुंजाइश है। कई सक्सेसफुल लोगो ने इसे सालों तक  बार-बार परखा और ट्रेनिंग तथा कड़ी मेहनत से इसे और भी मज़बूत बनाया है ।


अपने जुनून को जानना एक बात है। उसमें बेमिसाल बन जाना दूसरी बात है। पहली चीज़ तो बस एक कदम है - पहला कदम। अपनी कला को निखारने के लिए जो 999 कदम उठाने पड़ते हैं, उनकी अहमियत को कम करके नहीं आंका जा सकता; ये कदम तब आते हैं जब आप अपने जुनून को पहचान लेते हैं या अपनी कला को खोज लेते हैं। 


दोस्तों हम अपने ब्लॉग पोस्ट के आखरी पड़ाव पर है,  यहाँ हम आपको एक और सावधानी भरी सलाह देना चाहते है—


आप अपना यह सफ़र अकेले तय नहीं कर सकते, खासकर तब जब आप अपने सपनों को छोड़ देते हो। अपने जुनून को पूरा करने का यह सफ़र अक्सर मुश्किल, मेहनत भरा और उलझन भरा हो सकता है।


ऐसे समय में, आपकी ज़िंदगी में एक 'तारा' का होना ज़रूरी है—ज़रूरी नहीं कि वह कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसे आप किस कर सकें, बल्कि कोई ऐसा व्यक्ति जो आप पर तब भी विश्वास करे जब आप खुद पर विश्वास न कर पा रहे हों। 


कोई 'तारा' आपका कोई मेंटर मार्गदर्शक हो सकता है, जिसने आपके जुनून के क्षेत्र को आपसे कहीं ज़्यादा करीब से देखा हो। आपका तारा कोई तोंद वाला, गंजा 'अंकल' जैसा आदमी भी हो सकता है—ज़रूरी नहीं कि वह कोई छोटी स्कर्ट वाली लड़की ही हो । एक ऐसा मेंटर-दोस्त होना जो आपके चुने हुए क्षेत्र में पहले से ही सफल हो बहुत मददगार साबित होता है। 


आपको उसे मनाने के लिए कुछ खास हुनर ​​की ज़रूरत पड़ेगी—ताकि वह न सिर्फ आपको रास्ता दिखाए और मदद करे, बल्कि लंबे समय तक ऐसा करता भी रहे। 


हमारा  कहने का मतलब यह है कि—इस सफ़र में, इस खोज में आप अकेले नहीं हैं। अगर आपको यह सब मुश्किल या डरावना लग रहा है, तो कोई बात नहीं। हमेशा कोई न कोई ऐसा होगा जो आप पर विश्वास करेगा। अगर आपको अपनी या अपना 'तारा' मिल जाती या जाता है, तो बहुत बढ़िया! और अगर नहीं मिलती, तो जितना हो सके, खुद ही अपना  'तारा' बनने की कोशिश करें।


हमें  पता है कि बहुत से लोग बिना माँगे ही सलाह देने लगते हैं लेकिन  "वही करो जो आपको पसंद है," 


"ज़िंदगी एक ही मिली है! इसे किसी और की ज़िंदगी जीने में बर्बाद मत करो।  


यह सारी बातें बताने का हमारा मकसद आपको उस कड़ी मेहनत से रूबरू कराना था, जो आखिरकार उस मुकाम तक पहुँचने के लिए करनी पड़ती है—जहाँ आप वही कर रहे होते हैं जो आपको पसंद है। 


आपको अपने आप से कभी भी पूरी तरह स्पष्टता Clarity नहीं मिलेगी। आपको खुद ही अपनी जगह से उठना होगा और उस स्पष्टता को हासिल करने के लिए आगे बढ़ना होगा। यह सब कुछ बस कुछ 'स्पष्ट' और 'पक्के' फ़ैसले लेने और फिर उन फ़ैसलों पर टिके रहने के लिए ज़रूरी सब्र रखने के बारे में है।


उम्मीद है कि यह ब्लॉग आपको यह समझाने में मदद करेगी कि आप किस दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।


जैसा कि अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा था—"मुझमें कोई खास हुनर ​​नहीं है। मुझमें बस सीखने और जानने की ज़बरदस्त ललक Curiosity है।" 


आइंस्टीन का जुनून 'जिज्ञासा' थी, न कि सिर्फ़ 'विज्ञान'। 

क्या आपका भी जुनून इस तरह का है?


नहीं है तो, अब आगे बढ़ो! उस 'खास मुकाम' तक पहुँचने के लिए तुम्हें कुछ गलत फ़ैसले लेने पड़ेंगे और फिर उनमें सुधार भी करने पड़ेंगे। 


और हमारा यकीन करो, वह 'खास मुकाम' ही असल में तुम्हारी 'सही जगह' है। बाकी सब तो बस कुछ देर रुकने के लिए बनी 'पार्किंग' जैसी व्यवस्थाएँ हैं। 


दोस्तों…

ज़िंदगी में सबसे बड़ा दुख मेहनत करना नहीं होता…

सबसे बड़ा दुख होता है —

पूरी जिंदगी उस काम में बिताना

जिससे आपका दिल कभी जुड़ा ही नहीं।

सोचिए…

अगर 10 साल बाद आप पीछे मुड़कर देखें

और महसूस हो कि आपने दूसरों के सपने पूरे करने में

अपना सपना ही खो दिया…

तो शायद उस पछतावे से बड़ा दर्द कोई नहीं होगा।

लेकिन अच्छी बात ये है कि…

अभी भी देर नहीं हुई है।

आपको एक ही दिन में अपना passion खोजने की जरूरत नहीं…

बस खुद से ईमानदारी से सवाल पूछने की जरूरत है —

“कौन सा काम मुझे अंदर से ज़िंदा महसूस कराता है?”

क्योंकि दुनिया में सबसे सफल लोग वो नहीं होते

जो सिर्फ पैसे के पीछे भागते हैं…

बल्कि वो होते हैं

जो अपने जुनून को अपनी पहचान बना लेते हैं।

और याद रखिए…

जब इंसान अपने पसंद के काम पर मेहनत करता है,

तो संघर्ष भी बोझ नहीं लगता।

तो यह ब्लॉग पोस्ट खत्म होने से पहले…

मैं आपसे सिर्फ एक सवाल करना चाहता हूँ —

अगर पैसे और लोगों का डर बीच में ना हो…

तो आप जिंदगी में सच में क्या करना चाहेंगे?”

शायद इसी सवाल का जवाब…

आपकी असली मंज़िल छुपाए बैठा है।

अगर ब्लॉग ने आपको थोड़ा भी सोचने पर मजबूर किया हो…

तो इसे लाइक करें, शेयर करें

और कमेंट में जरूर बताएं —

आपका असली जुनून क्या है?

क्योंकि हो सकता है…

आपका एक जवाब किसी दूसरे इंसान को भी

अपना रास्ता खोजने की हिम्मत दे दे।

मिलते हैं अगली ब्लॉग पोस्ट में…

तब तक अपने सपनों को सिर्फ सोचिए मत…

उनके लिए पहला कदम उठाइए।


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